कृष्ण-बलराम का नामकरण और उनकी बाल लीलाएँ – part 10
गर्गाचार्य का गोकुल आना शूरसेन यदुवंश के कुलपुरोहित श्री गर्गाचार्य एक दिन गोकुल आए। उनका सभी यदुवंशी बहुत सम्मान करते […]
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गर्गाचार्य का गोकुल आना शूरसेन यदुवंश के कुलपुरोहित श्री गर्गाचार्य एक दिन गोकुल आए। उनका सभी यदुवंशी बहुत सम्मान करते […]
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राम-लक्ष्मण पिता की आज्ञा से ऋषि विश्वामित्र के साथ उनके यज्ञ की रक्षा करने के लिए आए थे। रास्ते में
श्रीराम ने मारीच और सुबाहु से युद्ध क्यों किया और मिथिला क्यों गए?- part 8 Read Post »
पिता का साया सर पर है, इसे सत्ता कहें क्या हम? है भाई स्नेह का बंधन, इसे सत्ता कहें क्या
पित्रसत्तात्मक समाज Read Post »
नंदजी और यशोदा जी के पूर्व जन्म की कथा भगवान की बाल लीलाओं का वर्णन सुनते हुए राजा परीक्षित ने
नन्द-यशोदा को भगवान की बाललीला देखने का सौभाग्य क्यों मिला था?- part 9 Read Post »
राम-लक्ष्मण ने ऋषि विश्वामित्र के साथ उनके आश्रम ‘सिद्धाश्रम’ जाते समय मार्ग में जो संबसे महत्वपूर्ण कार्य किया वह था
ताटका कौन थी और भगवान राम ने स्त्री का वध क्यों किया?- part 7 Read Post »
रात रात भर नींद गवाईं, सपनों की तलाश में, सपने खोजते आ पहुंचा मैं, सपनों के बाजार में। लाख लाख
“माँ! मेडुसा कौन थी?” “क्यों? मेडुसा के बारे में किसने बताया तुम्हें?” “बताओं न माँ।” श्रेय लाड़ दिखाते हुए बोला।
ग्रीक देश की पुजारिन Read Post »
ऊत्कच का उद्धार पूतना वध के बाद श्रीकृष्ण ने जिस दूसरे व्यक्ति का उद्धार किया, वह था ऊत्कच। लेकिन वह
ऊत्कच और तृणावर्त कौन थे और कृष्ण ने उनका उद्धार कैसे किया?- part 8 Read Post »
भगवान राम के अवतार का मुख्य उद्देश्य था राक्षसों का संहार और अपने भक्तों को आनंद देना। 16 वर्ष के
ऋषि विश्वामित्र राम-लक्ष्मण को क्यों ले गए थे?-part 6 Read Post »