कौन थे श्रीराम के जीजा, जिनके सिर पर सींग था और जिन्होने युवा होने तक किसी स्त्री को नहीं देखा था?- part 5
ऋषि ऋष्यशृंग, जिनका एक अन्य नाम शृंगी ऋषि भी था, का विवाह भगवान राम की गोद दी हुई बड़ी बहन […]
ऋषि ऋष्यशृंग, जिनका एक अन्य नाम शृंगी ऋषि भी था, का विवाह भगवान राम की गोद दी हुई बड़ी बहन […]
हस्तिनापुर के कुरु वंशी राजा अपनी सत्यनिष्ठा और पराक्रम के कारण पूरे देश में प्रसिद्ध थे। इस वंश के शांतनु
पूतना वध कृष्ण जन्म का एक उद्देश्य था अत्याचारी राक्षसों का अंत करना। इस कार्य का आरंभ किसी पुरुष राक्षस
तुलसीदास कृत रामचरितमानस में केवल राम चारों भाइयों का ही विवरण हैं, उनके किसी बहन का नहीं। लेकिन दक्षिण-पूर्व एशिया,
धृतराष्ट्र एवं पांडु की दादी यानि कौरवों और पांडवों की परदादी का नाम सत्यवती था। वह हस्तिनापुर के राजा शांतनु
कंस को देवकी की संतान होने की सूचना भगवान की आज्ञा के अनुसार महामाया ने देवकी की सातवीं संतान को
कृष्ण जन्म की सूचना के बाद कंस ने क्या रणनीति अपनाया?-भाग 6 Read Post »
भीष्म वास्तव में ध्यौ नामक वसु थे। वे ऋषि वशिष्ठ के शाप के कारण उन्हें मनुष्य लोक में दीर्घ काल
बलराम जी देवकी के गर्भ से रोहिणी के गर्भ में जाना नारद जी की प्रेरणा से कंस ने वसुदेव-देवकी को
कृष्ण-बलराम का अवतरण कहाँ हुआ था और वे गोकुल कैसे पहुँचे?-भाग 5 Read Post »
राम जन्म की पृष्ठभूमि राम जन्म की पृष्ठभूमि राजा दशरथ की पुत्रहीनता और देवताओं द्वारा रावण वध के प्रयत्न से बनी।
श्रीराम चारों भाइयों का अवतरण क्यों और कैसे हुआ?- part 3 Read Post »
हस्तिनापुर का कुरु वंश कुरु वंश की वंशावली पुराणों में ब्रह्मा जी से शुरू की गई है। ब्रह्मा के पुत्र