राम समुद्र पार कर लंका कैसे पहुंचे?-भाग 44
हनुमान से सीता की सूचना मिलने के बाद राम-लक्ष्मण और सभी वानर आदि का विचार था कि जल्दी से लंका […]
हनुमान से सीता की सूचना मिलने के बाद राम-लक्ष्मण और सभी वानर आदि का विचार था कि जल्दी से लंका […]
लंका पर आक्रमण के लिए रणनीति अब राम लंका के विरुद्ध युद्ध करने के लिए कूच करने की योजना बनाने लगे। समुद्र
राम का लंका के विरुद्ध युद्ध के लिए प्रयाण-भाग 43 Read Post »
अशोक वाटिका का विध्वंस लंका में हनुमान ने सीता की बुरी अवस्था देखी। इससे उन्हे रावण पर क्रोध भी था।
सीता जी के वेश और आसपास के परिवेश से हनुमान जी को यह तो निश्चय हो गया कि अशोक वाटिका
हनुमान जी जब लंका पहुँचे तब उनके समक्ष सबसे बड़ी समस्या ये थी कि इतने बड़े लंका में वे एक
हनुमान जी ने लंका में माता सीता को कैसे ढूँढा?-भाग 40 Read Post »
जटायु के भाई गिद्ध संपाती ने सीता के विषय में बहुत कुछ निश्चित जानकारी दे दी थी। यह तो पता
यह सच है कि सीता का पता हनुमानजी ने लंका जाकर लगाया था। लेकिन हनुमान से राम सीता का पता
बाली-सुग्रीव में शत्रुता के कारण वानरों के राजा ऋक्षरजा की राजधानी किष्किन्धा थी। उनके दो पुत्र थे वाली और सुग्रीव।
राम-लक्ष्मण का रिष्यमुक पर्वत पर आना कबंध की सलाह के अनुसार राम सुग्रीव से मित्रता करने के लिए रिष्यमुक पर्वत
शबरी रामायण के उन पात्रों में से है जिनके विषय में आम जन में जो छवि से उससे बिल्कुल ही